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महादेव एप सट्टेबाजी के बड़े गैंग का भंडाफोड़, ED की कार्रवाई में 417 करोड़ रुपये जब्त ।

# प्रदीप पटेल | 15 Sep, 2023

रायपुर। महादेव आनलाइन सट्टा मामले में विशेष कोर्ट ने एएसआई चंद्रभूषण वर्मा समेत चार लोगों की न्यायिक हिरासत 29 तक बढ़ा दी है। इस बीच ED ने इस ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ छापामार कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में मिले 417 करोड़ रुपए को ED ने फ्रिज कर दिया है। इस छापेमारी में ED को कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले है। सतीश चंद्राकर, अनिल और सुनील दम्मानी को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत खत्म होने पर सभी को आज दोपहर कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने सभी को 29 सितंबर तक जेल भेज दिया। वहीं दम्मानी भाइयों द्वारा प्रस्तुत जमानत याचिका पर 20 को सुनवाई होगी। इससे पहले इनकी पेशी से पहले ED ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ED ने भोपाल, कोलकाता और मुंबई में बड़ी रेड की है। इन ठिकानों से अब तक 417 करोड़ रूपए नगद सीज किया है। यह रकम महादेव सट्टे से हुई कमाई की मनीलाड्रिंग की गई है। बताया जा रहा है कि चंद्रभूषण वर्मा से मिली जानकारी के आधार पर रायपुर, भोपाल, मुंबई, कोलकाता में सर्चिंग अभियान चलाया था ।

इस दौरान सौरभ चंद्राकर के विवाह समारोह में फंडिंग करने वाले लोग भी शिकंजे में आए हैं। अब तक 417 करोड रुपए की संपत्ति ED ने जब्त की, इसे 39 लोकेशन पर जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर के विवाह पर सौ करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए थे। इसके लिए 112 करोड रुपए हवाला के जरिए भेजे गए थे। ईडी ने रायपुर और दुर्ग में छापेमारी के दौरान PMLA के तहत चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, हवाला कारोबारी अनिल और सुनील दम्मानी को गिरफ्तार कर 2 बार रिमांड पर लिया था। बीते दस दिनो में ईडी ने सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा, उनकी पत्नी, दोनों पुत्रों और बहनोई से पूछताछ कर रही है। इस आधार पर ED ने आज एएसआई वर्मा समेत चारों की जमानत पर आपत्ति की। इस बीच ऑनलाइन सट्टा एप के आरोपी संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। दोनों आरोपी इस वक्त विदेश में हैं। वारंट जारी होने के साथ ही उन्हें भारत लाने की तैयारी शुरू कर दी है। ED ने इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए विदेश और गृह मंत्रालय समेत झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, एमपी और महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों को जानकारी भेजी है। हालांकि अब तक कहीं से कोई सुराग नहीं मिला है। ED ने इंटरपोल की मदद से रेड कार्नर नोटिस जारी करवाने की भी बात कही है ।