Breaking News

Banner

महासमुंद जिले के खल्लारी धान खरीदी केंद्र में समिति ने पेश की अनोखी मिसाल, धान बेचने आ रहे किसानों और हमालों को रोज खिलाया जा रहा खाना ।

# प्रदीप पटेल | 06 Dec, 2021

महासमुंद। महासमुंद जिले के खल्लारी के एक धान खरीदी केंद्र ने मिसाल पेश की है, जहां किसानों को धान बेचने के लिेए समस्त समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं, उन्हे दिनभर भूखे प्यासे लेकर एक लंबी लाइन में लगा रहना पड़ता हैं, धान बेचने के लिए टोकन की समस्या सामने आती है ।  इस गांव में एक केंद्र ऐसा भी है, जहां जितने भी किसान धान बेचने आती है। उन्हे खाना खिलाकर ही भेजा जाता है। 1 दिसंबर से शुरू हुई इस पहल में 150 से अधिक किसान खाना खा रहे हैं। साथ ही धान खरीदी केंद्र में लगे हुए 70-80 हमालों को भी खाना खिलाया जा रहा है ।

खल्लारी सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष विजय बंजारे ने बताया कि वे पिछले 5 साल से समिति के अध्यक्ष पद पर हैं। इसके पहले 10 साल तक उनके पिता स्व. हीरालाल बंजारे समिति के अध्यक्ष थे। वे भी किसान हैं और किसानों की परेशानियों को से समझते हैं। एक किसान जब अपना धान लेकर समिति में पहुंचता है तो उसे अपनी उपज बेचने में सुबह से शाम हो जाती है । 

ऐसे में भूखे-प्यासे रहकर किसान अपनी धान को बेचने के लिए जद्दोजहद करता है। इसीलिए मेरे मन में किसानों को भोजन कराने का ख्याल आया। इस साल मैंने इसकी पहले से ही तैयारी कर ली थी और 1 दिसंबर से शुरू हुई खरीदी के साथ ही किसान भाइयों के लिए धान खरीदी परिसर में ही भोजन की व्यवस्था की । इस समिति में कुल 13 गांव खल्लारी, भीमखोज, जोरातराई, रैताल, कन्हारपुरी, कोमा, आमानारा, बोहलडीह, गाड़ाघाट, पतेरापाली, बीके बाहरा, आंवराडबरी और तोषगांव शामिल है। इनमें से जोरातराई, रैताल और पतेरापाली ऐसे गांव हैं, जिनकी खरीदी केंद्र से दूरी 10 किमी की है। वापस अपने गांव-घर पहुंचने में रात हो जाती है। ऐसे किसानों के लिए यहां दोपहर भोजन की व्यवस्था एक बड़ी राहत है ।