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दरिंदा दामाद, पुलिस वाला गुंडा, सास ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार, मेरे परिवार को जान का खतरा, कैद में है बेटी ।

# प्रदीप पटेल | 04 Sep, 2021

कोरबा। ऐसा बहुत कम सुनने और देखने को मिलता है कि भाई बहन के पवित्र त्यौहार रक्षा बंधन पर किसी भाई को बहन से राखी बंधवाने ना केवल केवल घर के बाहर रोका गया बल्कि उसे जान से मारने की कोशिश भी की गई। मामला एक पुलिस थाने में पदस्थ आरक्षक से जुड़ा हुआ है, कहते हैं कि वर्दी आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए दी गई है, किंतु जब पुलिस की वर्दी पहने वाला उसका दुरपयोग करने लगे तो पुलिस विभाग के दामन दागदार होते हैं, और लोगों का भरोसा पुलिस पर कम हो जाता है। मामला पीड़िता कोशिल्या खुटे पति पुनूराम खूंटे, बांकी मोगरा थाना पुलिस अधीक्षक कोरबा को अपने आवेदन पत्र में लिखती हैं, कि मैं अपने परिवार के साथ निवास करती हूं। मेरी बेटी विलक्षणा की शादी कुसमुण्डा थाना अन्तर्गत ग्राम कुचेना जिला कोरबा (छ.ग.) निवासी फुलसाय बंजारे के पुत्र विरेन्द्र बंजारे (आरक्षक) के साथ दिनांक 25.05.2013 को हुई थी ।

शादी के कुछ साल बाद से ही बेटी के साथ दामाद विरेन्द्र बंजारे का व्यवहार ठीक नहीं था, वह अपने परिवार वालों के साथ मिलकर मेरी बेटी के साथ बेरहमी से मारपीट और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था । और धमकी देता था कि अगर मायके में बताओगी तो तुम्हारे खानदान को जान से मार देंगे। इस डर से ये हमें कुछ भी नहीं बताती थी। विरेन्द्र बंजारे के आतंक की मौखिक सूचना थाने में कई बार दी जा चुकी है, और बांकी मोगरा थाना में दिनांक 06 .08.2020 को 44/2020 लिखित सूचना भी दी गई थी। विरेन्द्र बंजारे द्वारा बेटी को प्रताड़ित किए जाने का मामला सखी वन स्टॉप सेंटर महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा में भी दर्ज है । दिनांक 18.08.2020 के बाद पूरे एक साल से विरेन्द्र बंजारे ने मेरी बेटी को एक बार भी न तो मायके घुमाने लाया है, और न ही फोन से कभी बात कराया है । 20.08.2021 यो मेरी बहु बेटे को एक बेटी पैदा हुई है। रक्षा बन्धन दिनांक 22.08.2021 को हम सब को उम्मीद थी कि आज बेटी विलक्षणा अपने भाई को राखी बांधने जरूर चटाईनार आएगी ।

लेकिन शाम तक नही आई तो मैंने बेटा विजय कुमार को मिठाई लेकर विलक्षणा को बेबी होने की खबर दे देना और बहन से राखी भी बंधवा लेना कहकर कुचेना भेजी थी। साले के घर पहुँचने पर दामाद आरक्षक विरेन्द्र बंजारे और मनोज बंजारे ने अभद्र गाली गलोच देते हुए मेरे बेटे विजय को बेरहमी से मारा है, बहन विलक्षणा के द्वारा भाई का बचाव करने पर उसे भी मारा पीटा गया। दामाद और उसके भाई के मार से मेरे बेटे को बहुत गंभीर चोटे आई है, और पैर भी टूट गया। इतना ही नहीं मेरे दामाद नें अदमरा हालत में मेरे बेटे को मेरे घर के सामने फेंक कर चला गया । जैसे-तैसे हम सब मिलकर घायल विजय को उठाकर घर के अंदर लाए, और तत्काल डायल 112 को फोन करके बुलाए जिसकी हालत को देखकर 112 ने तुरंत इसे लेकर कुसमुण्डा क्षेत्र अंतर्गत एस.ई.सी.एल. हॉस्पीटल में भर्ती कराया जहां उसे रिफर करके न्यू कोरबा हास्पिटल में सिफ्ट कराया गया। दामाद कुसमुण्डा थाना में ड्यूटी कर चुका है, इसलिये वहां थाना के थाना इंचार्ज सही रिपोर्ट नहीं लिखा। हमारे परिवार के किसी भी सदस्य को कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी मेरे दामाद और उसके परिवार के लोगों की होगी। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है, कि इन दरिंदों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए मेरी बेटी को इनके कैद से छुडाने की कृपा करें ।