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साहब, अब तो सुन लो हमारी गुहार, जोखिम भरा करते हैं काम, CM हाउस घेराव के लिए निकले हजारों की संख्या में संविदा बिजलीकर्मी, पुलिस से हुई झड़प । 

# प्रदीप पटेल | 12 Aug, 2021

रायपुर। संविदा विद्युतकर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के लगभग 2500 से ज्यादा विद्युतकर्मियों ने सीएम हाउस का घेराव करने निकले। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। संविदा विद्युतकर्मी सरकार से अपने नियमितिकरण की मांग कर रहे है।

आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनकों अन्य विभागों में सेवा देने वाले की तरह की समझती है। लेकिन अन्य विभागों से बिल्कुल अलग तरह का काम इस विभाग में होता है । बता दें कि आज प्रदर्शन का दूसरा दिन है। 10 अगस्त को डगनिया स्थित विद्युत मुखालय का घेराव किया था और आज दूसरे दिन बूढ़ातालाब धरना स्थल से सिविल लाईन सीएम हाउस घेराव के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया ।

जोखिम भरा रहता है काम

संविदा कर्मचारी संघ के कर्मचारी बालकृष्ण साहू का कहना है कि विद्युत विभाग में संविदा कर्मचारियों को अन्य विभाग के संविदा कर्मचारियों के समतुल्य ही समझा जाता है, लेकिन सच यह है कि इस विभाग के कर्मचारियों की काम बेहद जोखिम भरा होता है, अब तक राज्य भर के 21 संविदा साथी काम के दौरान अपनी जान गंवा चुके है, इसके साथ तीन अन्य लोगों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई है, वहीं विद्युत दुर्घटना में स्थाई और अस्थाई रूप से अपंग हो चुके हैं ।

आज तक नहीं मिला मुआवजा

इन प्रदर्शनकारियों में कुछ कर्मचारी विकलांग और पीड़ित भी हैं जिनका कहना है कि दुर्घटना होने के बाद सरकार की ओर कर्मचारियों को आज तक कोई मुआवजा राशि नहीं दिया गया है, सरकार से गुहार लगाने के बाद भी इनके प्रकरणों पर कोई सुनवाई नहीं हुई, ऐसे कर्मचारियों के परिजन सरकारी मदद के लिए लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे है, लिहाजा अब कर्मचारी और उनके परिजन अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है ।

लगातार चरणबद्ध तरीके रहेगा जारी

कर्मचारी महेश्वर साहू ने कहा की चरणबध्द तरीके से आंदोलन जारी रहेगा । इससे पहले कई बार अपनी मांगों को लेकर विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारी सरकार के खिलाफ कई बार प्रदर्शन कर चुके है, लेकिन सरकार की ओर इन मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया, यही वजह है कि अब चरणबध्द तरीके से आंदोलन करना पड़ रहा है, सबसे पहले 10 अगस्त को डंगनिया स्थित विद्युत सेवा भवन का घेराव किया गया, इसी दिन इसी जगह पर आमसभा का भी आयोजन किया गया और आज उट हाउस का घेराव करने निकले है ।

ये है तीन सूत्रीय मांग

विद्युत कंपनी में कार्यरत समस्त संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए ।
विद्युत दुर्घटनाओं में मृत्यु को प्राप्त किएसंविदा कर्मियों को उचित मुआवजा एवं उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए ।
विद्युत संविदा कर्मी जो विद्युत दुर्घटनाओं में स्थायी अस्थायी अपंगता का शिकार हो चुके हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ।

ये है पूरा शेड्यूल

10 अगस्त – डंगनिया स्थित विद्युत सेवा भवन का घेराव
11 अगस्त – सीएम हाउस का घेराव
12 अगस्त – विधानसभा घेराव
13 अगस्त – काली पट्टी बांधकर कैंडल मार्च
14 अगस्त – मशाल रैली
15 अगस्त – देश के स्वतंत्रता सेनानियों और विभाग के कर्मचारियों को श्रध्दांजलि
16 अगस्त- कंपनी भर्ती नीति का विरोध में मुंडन
17 अगस्त – फटे कपड़ों के साथ भीख मांगकर प्रदर्शन
18 अगस्त – गुलाटी मारकर प्रदर्शन
19 अगस्त – मौन व्रत के साथ फ्लैश जलाना
20 अगस्त – भूख हड़ताल की शुरूआत ।