Breaking News

Banner

खराब सड़कों को लेकर युवाओं का अनोखा प्रदर्शन, 10 का मुर्गा खाओगे, ऐसा सड़क पाओगे, तख्ती लेकर हालत सुधरवाने की गुजारिश ।

# प्रदीप पटेल | 04 Aug, 2021

कोरबा। चार पहिए की लक्जरी गाड़ियों में सवार अफसरों को इस बात से कोई सरोकार नहीं, कि उनकी बनाई सड़क में पड़े अनगिनत गड्ढों पर लोग हर रोज कैस जूझते है, इन दिनों बारिश के पानी में छुपे इन जानलेवा गड्ढों से गुजरते दोपहिया चालक न जाने कब जख्मी हो जाएं कहा नहीं जा सकता, एक-एक दिन कर एक साल से अधिक समय बीत गया, इस बीच कई बार इन पर करोड़ों फूंक मरम्मत के टांके भी लगे, पर वर्षा आते ही सड़क के साथ सरकारी रकम भी पानी में बह गया, पीछे रह गए तो केवल मौत को दावत देते वही गड्ढे, जिनसे जूझता-गुजरता राहगीर कब गुजर जाए, जिम्मेदार भी यह जवाबदारी उठाने तैयार नहीं ।

आज नहीं तो कल यह सड़क आम राहगीरों के लिए भी चलने लायक बन जाएगी, इसकी उम्मीद के साथ राहगीरों का धीरज भी टूटने को है, यही वजह है, जो निहारिका क्षेत्र के स्थानीय लोग एक बार फिर सड़क पर मोर्चाबंदी शुरू कर दी है, समाजसेवी संस्था जनसंगठन के संयोजक विशाल केलकर के नेतृत्व में बुधवारी निहारिका गुजरने वाली सड़क पर लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया, केलकर का कहना है कि जिले में जर्जर व अत्यधिक जर्जर हो चुकी उपनगरीय, ग्रामीण व रिहायशी क्षेत्र की आंतरिक सड़कों की मरम्मत या जीर्णोद्धार लंबे समय से अपेक्षित है, नए मार्गों के निर्माण का आश्वासन केवल आश्वासन बनकर रह गया है, इसे लेकर क्षेत्रवासियों के सब्र का बांध फूटने लगा है ।

सड़क पर लोगों ने हाथों में तख्तियां लिए श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया, युवतियों और युवकों के इस प्रदर्शन में नारेबाजी के साथ जिला प्रशासन से पूछा जाता रहा कि कलेक्टर मैडम, यह सड़क कब बनेगी, इसी तरह नगर के प्रथम नागरिक व महापौर से भी गुहार लगाई गई है कि सड़क बनवा दो, जिले के प्रारंभ से लेकर अंतिम सीमा तक लोग जर्जर सड़क की मार झेल रहे हैं, बारिश में सड़कों पर अनगिनत गड्ढे, गड्ढों में भरा पानी, कहीं-कहीं तो छोटी-छोटी डबरियां तब बन गई हैं, जिनसे प्रतिदिन छोटे-बड़े वाहन बचकर निकलने की कोशिश करते देखे जा सकते हैं ।