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महंगाई भत्ता को लेकर कर्मचारी संघ ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव, ढोलक और लाल झंडा दिखाकर किया प्रदर्शन, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जिया ।

# प्रदीप पटेल | 21 Jul, 2021

रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन संघ ने मंगलवार को प्रदेशभर के जिला मुख्यालय में लंबित महंगाई भत्ता की मांग को लेकर हजारों की संख्या में कर्मचारी लाल झंडा और ढोलक बजाकर कलेक्ट्रेट  का घेराव किया । आपको बता दें कि लगातार कर्मचारी महंगाई भत्ता की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके बाद भी इनकी मांगों पर मुहर नहीं लग रही है। वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विजय झा ने बताया कि लंबित महंगाई भत्ता सहित अन्य मांगों को लेकर सभी जिला मुख्यालयों कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया जा रहा है, प्रदेश के 28 जिला मुख्यालयों में कलेक्टर, मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालय के कर्मचारी अधिकारी इंद्रावती भवन में प्रदर्शन कर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपे हैं ।

फेडरेशन के प्रांतीय मुख्य प्रवक्ता विजय झा ने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को जुलाई 2019 का 5 % सहित 11 % कुल 16 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ता ‘देय तिथि’ से स्वीकृत करने की मांग है, इसको लेकर जिला संयोजक के नेतृत्व में समस्त संगठन के जिला अध्यक्ष मिलकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करेंगे।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जुलाई 2019 से लंबित 5 % महंगाई भत्ता देय तिथि से स्वीकृत करने संघर्षरत रहा है ।

फेडरेशन ने 14 सूत्रीय में सम्मिलित इस मांग को लेकर दिसंबर 2020 में कलम रख मशाल उठा आंदोलन तीन चरणों में कर चुका है। केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2020 का 4 % , जुलाई 2020 का 3 % एवं जनवरी 2021 के 4 % कुल लंबित 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता के भुगतान का निर्णय लिया है। इस तरह केंद्र के कर्मचारियों को 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा जबकि प्रदेश के कर्मचारियों को वर्तमान में मात्र 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता ही मिल रहा है, जोकि न्यायोचित नहीं है ।

सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां

महंगाई भत्ता की मांग को लेकर कर्मचारी,अधिकारी आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई, इतना ही नहीं कई लोगों ने तो मास्क भी नहीं लगाए थे, कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद होने के कारण पुलिस भी संभालने में नाकाम साबित हुई है ।