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वर्ल्ड हेल्थ आग्रेनाइजेशन ने जताई चिंता, तीसरी लहर ने दी दस्तक, जानें भारत में दूसरी के मुकाबले कितनी हो सकती है घातक ।

# प्रदीप पटेल | 16 Jul, 2021

नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने देशभर में भारी तबाही मचाई है। अब तीसरी लहर की बातें उठनी भी शुरू हो गई है। इन सबके बीच असल बात तो यह है कि इन सबके बाद भी सरकारों और आमजन में अभी भी महामारी को लेकर गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। राजनीतिक दलों द्वारा सार्वजनिक सभाएं व धार्मिक आयोजनों में भारी भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई है। यह लापरवाही ही हमें तीसरी लहर से रू-ब-रू कराने के लिए पर्याप्ता है। अब वर्ल्ड हेल्थ आग्रेनाइजेशन ने चिंता जाहिर की है कि तीसरी लहर लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है। वहीं देश में वैक्सीनेशन की गति भी धीमि पड़ती दिख रही है । 

वर्ल्ड हेल्थ आग्रेनाइजेशन के चीफ डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस ने देशों को चेतावनी दी है कि वे कोरोना की तीसरी लहर के शुरूआती फेज में आ चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि सिर्फ वैक्सीन से महामारी नहीं रोकी जा सकेगी। देशों को इससे निपटने के लिए लगातार सावधानी रखनी होगी। भारत में भी इसका खतरा करीब दिखाई दे रहा है । सरकार भी तीसरी लहर को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने भी केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि हम तीसरी लहर से ज्यादा दूर नहीं हैं। ऐसे में तैयारियां शुरू कर देने चाहिए। आइए जानते हैं ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर क्या कहा है ?

दुनिया में सबसे ज्यादा नए केस ब्राजील में मिल रहे हैं। बीते 24 घंटों में इनकी संख्या 57 हजार से ज्यादा रही। पिछले हफ्ते यहां 3.49 लाख केस मिले। हालांकि यहां नए मामलों में 14% की गिरावट आई है। इसी दौरान इंडोनेशिया में 45%, ब्रिटेन में 28%, अमेरिका में 67%, स्पेन में 61% तक मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों ने दूसरी लहर के भयावहता को लेकर कहा कि टीकों, आक्सीजन, दवाओं, अस्पतालों में बिस्तरों की कमी ने इसे अधिक विनाशकारी बना दिया। तीसरी लहर को वर्तमान की तुलना में बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जाएगा। एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि तीसरी लहर को हम अधिक नियंत्रित कर पाएंगे, क्योंकि इसमें मामले ज्यादा नहीं आएंगे। टीकाकरण अभियान की वजह से हम इसे रोक पाने में ज्यादा कामयाब होंगे। बता दें कि अभी तक देश में 26 करोड़ से अधिक लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं ।