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कोरोना का फर्जी रिपोर्ट देकर कमाई में जुटा था युवक, घर से सैंपल कलेक्ट कर अपने मन से फर्जी लेटर्स पर बनाता था पॉजिटिव-नेगेटिव की रिपोर्ट ।

# प्रदीप पटेल | 03 May, 2021

रायपुर। मंदिर हसौद थाने की पुलिस एक ऐसे शातिर युवक को पकड़कर पूछताछ कर रही है, जो लोगों को अपने मन से ही पॉजिटिव या निगेटिव की फर्जी रिपोर्ट बनाकर दे देता था। आरोपी युवक घर से कोविड सैंपल लेता था, फिर RIMS अस्पताल के एडिट लेटर को तैयार करके उसमें मरीज का नाम पता लिखकर उसे खुद ही बताता था, कि कोरोना है या नहीं। लोगों के सैंपल न अस्पताल जाते थे, और न लैब क्योंकि ये युवक के न तो किसी अस्पताल से अधिकृत था न लैब से।

युवक बोला- पैसे कमाने के लिए ऐसा किया

पुलिस को शुरूआती पूछताछ में पता चला है कि रेशम मंगेश्कर नाम के इस युवक ने अजय पैथलॉजी लैब में कुछ दिन काम किया है। लैब वाले इसे लोगों के घरों में ब्लड शुगर वगैरह की जांच के लिए भेजते थे। पिछले कुछ वक्त से ये कोविड सैंपलिंग का काम करने लगा। मगर लोगों से मिलते वक्त उन्हें ये अपना पर्सनल नंबर देकर भरोसे में लेता था। खुद रेशम ऐसे लोगों के घर जाता था, जहां कोरोना के मरीज थे, या लक्षण वाले लोग रहते थे। मगर पैसे कमाने की धुन के आगे इसे ये रिस्क मामूली लगा।

कुछ लोग कोरोना की RT-PCR रिपोर्ट देर से आने से परेशान थे। ऐसे में रेशम ने उनकी परेशानी का फायदा उठाने की सोची। इसने कहा कि कुछ एक्स्ट्रा पैसे देने पर ये लोगों को रिपोर्ट जल्दी दिलवा देगा। लोग भी झांसे में आ गए। इसके बाद RIMS अस्पताल के पुराने लेटर इसने कंप्यूटर में कॉपी किए, अपनी मर्जी से ही लोगों की रिपोर्ट निगेटिव-पॉजिटिव लिखकर दे दी। कई लोगों को इसने ऐसे ही 24 घंटे के भीतर सुपर फास्ट फर्जी रिपोर्ट पकड़ा दी। इन्हीं में से एक शख्स ने अपनी रिपोर्ट को लेकर RIMS अस्पताल में संपर्क  किया, तो पता चला कि रेशम का अस्पताल से कोई लेना-देना नहीं ये फर्जी रिपोर्ट बना रहा था। पुलिस ये जांच कर रही है कि इसने कितने लोगों को शिकार बनाकर कितने रुपए ठगे।