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वैक्सीन लगवाने के बावजूद कलेक्टर हुए संक्रमित, ट्वीट कर दी जानकारी ।

# प्रदीप पटेल | 12 Mar, 2021

जांजगीर। कोरोना संक्रमण रोकने में वैक्सीन कितना कारगर है ? क्या वैक्सीन लगवाने से कोरोना नहीं होगा ? ये सवाल इसलिए, क्योंकि वैक्सीन के दो डोज लगने के बाद एक आईएएस कोरोना पॉजिटिव मिले है, जिसके बाद से वैक्सीन की सत्यता पर सवाल उठने लगे हैं। जांजगीर जिले के कलेक्टर यशवंत कुमार कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, वो 2007 बैच के आईएएस अफसर है, कलेक्टर ने खुद के संक्रमित होने की जानकारी ट्विटर पर साझा की है, उन्होंने लोगों से अपील की है कि बीते दिनों जो भी उनके संपर्क में आया हो, कोरोना जांच करा लें।

जांजगीर कलेक्टर यशवंत कुमार ने गुरुवार को कोरोना टेस्ट कराया, उनका टेस्ट एंटीजेन किट से हुआ है। कलेक्टर के संक्रमित मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। परिवार के लोग भी सकते में आ गए, कि ऐसा कैसे हो सकता है, ऐहतियात परिवार के सभी सदस्यों का भी कोरोना सैंपल लिया गया, उन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि कलेक्टर यशवंत कुमार में कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं है, उन्हें होम आइसोलेशन पर रखा गया है।

जांजगीर जिला अस्पताल के टीकाकरण सेंटर में कलेक्टर ने कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया था। कलेक्टर ने कहा था कि कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित है, इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना से बचाव के लिए यह टीका वरदान है, उन्होंने लोगों से अपील कर कहा था कि पात्र हितग्राही अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण केंद्र में आकर टीका लगवा सकते हैं। कोविड से सुरक्षा के लिए यह टीका वरदान है, लेकिन वो खुद संक्रमित हो गए ।

डॉक्टर ने बताई ये वजह

कोरोना डेथ रिव्यू कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सुभाष पांडे ने बताया कि कोरोना वैक्सीन के दो डोज पूरा होने के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता बन जाता है।हर किसी का शरीर अलग होता है, शरीर जितना जल्दी रिस्पांस करता है, खतरा उतना कम होता है। वैक्सीन लगने के बाद संक्रमण का खतरा कम हो जाता है, संक्रमण माइल्ड हो सकता है, लेकिन गंभीर नहीं हो सकता है ।