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डबल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी ।

# प्रदीप पटेल | 01 Feb, 2021

रायपुर। राजधानी में हुए हाईप्रोफाइल डबल मर्डर का खुलासा पुलिस किसी भी वक्त कर सकती है। आरोपी के गिरेबान तक पुलिस के हाथ पहुंच गये है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस पूरे वारदात की वजह परिवार का संपत्ति विवाद है। वारदात में अब तक तीन लोगों के नाम सामने आये है, जिसमें एक डाक्टर, एक इंजीनियर और तीसरा बस कंडक्टर है। डाक्टर आनंद धृतलहरे और इंजीनियर और दोनों सगे भाई हैं, जिसकी शादी डीपी धृतलहरे की दोनों बेटियों से हुई थी। कयास है कि पूरे घटना का मास्टरमाइंड इंजीनियर है, जो अपने डाक्टर भाई और एक साथी (बस कंडेक्टर) के साथ मिलकर खम्हारडीह पहुंचा, और मां बेटी को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि डाक्टर अजय और बस कंडेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी अजय मौके से फरार होने में कामयाब हो गया है। पुलिस को इस घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी भी मिला है, जिसमें तीन संदिग्ध आते-जाते नजर आ रहे हैं।

राजधानी रायपुर में कल खम्हरडीह थाना क्षेत्र के सतनाम पारा इलाके में 10 हजार स्क्यूर फीट में एक आलीशान मकान के अंदर मां और बेटी की हत्या हो जाती है, और आरोपी हत्या करके उसी घर के दूसरे कमरे में छुप जाते हैं, मामला तब खुलता है जब मृतिका के परिचित उसे कई बार फोन लगाते हैं फोन नहीं उठाने पर शक के दायरे में जैसे ही उनके घर में आकर देखा जाता है बाहर से ताला लगा इसी बीच किसी ने बताया कि 2 लोग उनके घर में आते जाते दिखे।

मृतका के पति को मुख्य आरोपी 2 दिन पहले गांव छोड़ने गया था, मृतका का पति नवागढ़ में धान मिसाई कर रहा था, उसको जैसे ही पता चला वह रात तक यहां पहुंच गया, बहनोई और एक रिश्तेदार जो छोड़ने गया था। एक है इंजीनियर एक है डॉक्टर और एक है इंजीनियर तीनों ने मिलकर रची थी साजिश की कहानी यह मर्डर मिस्ट्री सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे, सबसे पहले तो तीनों आरोपी अपने अपने मोबाइल बंद करके घर पर ही रख कर आए थे। फोन घटनास्थल पर आने पर उनके पास से कोई मोबाइल नहीं मिला इससे यह साबित भी होता है कि साइबर क्राइम वाले मोबाइल लेकर आने वालों को झट से पकड़ लेती है ऐसी प्लानिंग रख कर आए थे कि अगर यह भाग जाते आरोपी तो पुलिस कई सालों तक इन लोगों को ढूंढते रह जाती क्योंकि यह उनके करीबी रिश्तेदार है पुलिस इन पर बिना सबूत के आरोप कैसे लगाती।

शव को ठिकाने लगाने की तैयारी में थे आरोपी

आरोपियों ने मर्डर मिस्ट्री की वैसी प्लानिंग की पहले तो उन्होंने अपना मोबाइल ही नहीं लाया दूसरा शव को ठिकाने लगाने की कहानी के बारे तो आइए चलते हैं, आपको एक और नया खुलासा बताते हैं तीनों आरोपी कार से सतनाम पारा के काफी दूर में आकर रुके थे, टाटा कंपनी की जेस्ट कार में तीनों बैठे थे। सबसे पहले इंजीनियर अजय उनका रिश्तेदार उनके घर गया उसके बाद  दो लोग पीछे पीछे गए कहानी में ट्विस्ट तब आती है जब हत्या करके शव को ठिकाने लगाने हेतु तीसरा व्यक्ति कार लेने गया लेकिन इसी बीच आसपास पुलिस बल एवं हलचल देखकर कार से शव को ठिकाने लगाने के लिए इंजीनियर तीसरा आरोपी जो घर मे बाहर से ताला लगा कर गया था, वह डर कर कार लेकर फरार हो गया अगर तीनों मिलकर शव को ठिकाने लगा देते तो पुलिस के लिए तो मर्डर मिस्ट्री को सुलझा पाना काफी कठिन हो जाता।

कद्दावर नेता थे डीपी घृतलहरे

एक समय नवागढ़ विधानसभा से कांग्रेस के कद्दावर नेता थे डीपी घृतलहरे इनकी दो बेटियों को नवागढ़ से आनंद और अजय के साथ शादी हुई थी जिसमे से एक आनंद बंद कमरे से पकड़ा गया है। बहनोई ही साले की बीबी और बच्ची का जान का कातिल निकला। आपको जानकर ताज्जुब होगा की तीसरा फरार आरोपी अजय रायपुर के एक थाने में हत्या के प्रयास का आरोपी भी था।

बेरहमी से की हत्या

बेरहमी से हत्या ऐसे कह सकते हैं कि गला दबा कर मारने के बाद पानी के टब में शव के सिर को डूबो कर जैसे पंचर बनाने वाले अमूमन करते हैं, डाल कर देख रहे थे कि पानी में बुलबुला तो नहीं आ रहा, नहीं तो फिर गला घोंटा जाता, मतलब हत्या की पराकाष्ठा पार कर गए थे आरोपी।

कार से पहुंचे थे हत्यारे

पुलिस सूत्रों के मुताबिक अजय टाटा जेस्ट कार से अपने भाई डाक्टर आनंद और बस कंडेक्टर को लेकर पहुंचा था। किसी को शक ना हो, इसलिए कार को घर से करीब 200 मीटर दूर ले जाकर खड़ा किया गया। तीनों को मालूम था कि मृतका का पति घर पर नहीं है, घर पर अकेली नेहा और उसकी 9 वर्षीय बेटी अनन्या ही मौजूद है। आशंका है कि  घर में दोनों ननदोई के साथ नेहा का संपत्ति को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद तीनों ने मिलकर नेहा की गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना के वक्त अनन्या भी मौजूद थी, लिहाजा सबूत मिटाने की वजह से बच्ची की भी हत्या कर दी गयी होगी।

मृतका की बहन के पहुंचने पर प्लान हुआ चौपट

मां-बेटी की हत्या के बाद दोनों की लाश को वाथ टब में डाला गया, ताकि मालूम पड़ सके कि दोनों मरे हैं या नहीं।  पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्यारों का प्लान था कि शव को ठिकाने लगा दिया जाये। इसी प्लान के तहत इंजीनियर अजय कार को लाने और घर के करीब पार्क करने की नियत से घर से निकला। लेकिन इसी बीच मृतिका की बहन पहुंच गयी। घर का दरवाजा खुलवाने और नहीं खोलने पर मृतिका की बहन ने खम्हारडीह थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस का सायरन सुनते ही  कार में बैठा अजय मौके से फरार हो गया, जबकि घर के भीतर ही डाक्टर आनंद और बस कंडक्टर बंद रह गया।

जमीन और पैसे का लेनदेन की वजह से था विवाद

पूरा मामला संपत्ति विवाद और पैसों के लेनदेन से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री डीपी धृतलहरे ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी थी। डीपी धृतलहरे की मौत के बाद नेहा अपने पति के नाम सारी जायदाद कराती जा रही थी। पैसा भी नेहा ने अपने पास रख लिया था। जिसकी वजह से डीपी धृतलहरे की दोनों बेटियों और उसके पति खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे। दोनों परिवार के बीच इसे लेकर कई दफा विवाद भी हो चुका था। इसी वजह से हत्या की पूरी साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया।

डीपी धृतलहरे की दोनों बेटियों की शादी दो सगे भाईयों से हुई थी

पूर्व मंत्री डीपी धृतलहरे की दो बेटियां हैं और दोनों बेटियों की शादी एक ही घर में दो सगे भाईयों से हुई थी। लिहाजा दोनों भाई (साढू) ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची और इसमें एक साथी का सपोर्ट लिया। फिलहाल पूरी वारदात की तफ्तीश में आखिरी हिस्सा इंजीनियर अजय की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।