Breaking News

Banner

मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा- रमन सिंह ने पैदा की गलतफहमी, केंद्र से समय लेकर स्पष्ट करेंगे स्थिति ।

# प्रदीप पटेल | 02 Jan, 2021

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धान खरीदी मामले पर बड़ा बयान आया है, उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम रमन सिंह ने धान खरीदी पर गलतफहमी पैदा की है, विधानसभा में रमन सिंह ने कहा 25 सौ रुपए की राशि किसानों को नहीं मिली, तभी हमने कहा था कि दोनों बातों को जोड़ा नहीं जाना चाहिए, हम किसानों से समर्थन मूल्य की दर पर ही खरीदी कर रहे हैं, इनपुट सपोर्ट के रूप में हम किसानों को न्याय योजना के तहत राशि दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की राज्य इकाई और उसके नेता षड्यंत्र कर रहे हैं, मैंने मुख्य सचिव को केंद्र सरकार से समय लेकर स्थिति स्पष्ट करने कहा है, अगर केंद्र भी अपनी टीम छत्तीसगढ़ भेजना चाहे तो स्वागत है, मैं समझता हूं बातचीत के बाद इस विषय का सकारात्मक हल हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले साल हमने राजीव गांधी किसान नया योजना लागू की थी। जिस तरह भारत सरकार किसानों को भारत सम्मान निधि दे रही है, हमने उसी तरह प्रति एकड़ राजीव गांधी किसान योजना के तहत इनपुट सहायता दिया है। इसमें धान के अलावा मक्का और गन्ना को शामिल किया है। तीन किस्त में पैसे दिए हैं। चौथे किस्त में देना बाकी है। इन दोनों को क्लब करने की बात कहां से आई।

मुख्यमंत्री ने कहा, रमन सिंह का पुराना बयान निकालिए। उन्होंने बयान दिया था कि धान खरीदी किए हैं, लेकिन अभी तक उसका 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, यह बात वहां से निकली। मैंने विधानसभा में भी स्पष्ट किया कि धान को समर्थन मूल्य पर खरीदा है। यह राजीव गांधी किसान न्याय योजना है। दोनों योजनाओं को एक साथ क्लब मत करिये। किसानों के लिए बहुत सारी योजनाएं हम करते रहे हैं। खाद, बिजली, कृषि यंत्रों में सब्सिडी देते हैं। केंद्र सरकार भी करती है। दूसरे राज्य भी करते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, मैंने सोचा कि पढ़े लिखे आदमी हैं। 15 साल मुख्यमंत्री रहें हैं, इस तरह का बयान क्यों दे रहे हैं। अब समझ में आया कि वह यह बयान क्यों दे रहे थे। वह बयान इसलिए था ताकि किसानों को धान खरीदी का लाभ न हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा, यह भाजपा की प्रदेश इकाई का षड़यंत्र है।

मुख्य सचिव को केंद्र सरकार से बात की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, कल मुख्य सचिव के साथ इस पर चर्चा हुई है। केंद्र सरकार जैसे समय दे हमारे अधिकारी जाकर चर्चा कर लेंगे। केंद्र सरकार आना चाहे तो उनके अधिकारी भी यहां आकर देख लें। हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है। धान खरीदी में समर्थन मूल्य पर भुगतान और किसान न्याय योजना के भुगतान की पूरी डीटेल उन्हें मुहैया करा दी जाएगी।

सिंहदेव बोले, केंद्र का रुख दुर्भाग्यजनक

पंचायत और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, धान खरीदी मामले में केंद्र सरकार का रुख दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की अनुमति दे दी। लेकिन एफसीआई हमें यह नहीं बता रही है कि अरवा कितना जमा करने है और उसना कितना जमा करना है। इस आदेश के बिना मीलिंग नहीं हो सकती है। चावल बनेगा तो जमा नहीं हो पाएगा। ऐसे में खरीदी केंद्रों में धान जाम हो जाएगा। सिंहदेव ने कहा, छत्तीसगढ़ के किसान भी भारत के ही किसान है। केंद्र सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए जिससे किसान परेशानी में पड़ें।